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व्यापार और भूमंडलीकरण ( लघु उत्तरीय प्रश्न )

1. वैश्वीकरण से क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ साधारण भाषा में वैश्वीकरण का अर्थ है अपनी अर्थव्यवस्था और विश्व अर्थव्यवस्था में सामंजस्य स्थापित करना। इसके अंतर्गत अनेक विदेशी उत्पाद अपना सामान और सेवाएँ बेच सकते हैं। इसी प्रकार हम अपने देश से निर्मित माल और सेवाएँ दूसरे देशों में बेच सकते हैं। इस प्रकार वैश्वीकरण के कारण विभिन्न देश अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक-दूसरे पर परस्पर रूप में निर्भर रहते हैं।


2. भूमंडलीकरण किसे कहते हैं ?

उत्तर ⇒ भूमंडलीकरण राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक जीवन के विश्वव्यापी समायोजन की प्रक्रिया है जो विश्व के विभिन्न भागों के लोगों को भौतिक व मनोवैज्ञानिक स्तर पर एकीकृत करने का सफल प्रयास करता है।


3. भूमंडलीकरण में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के योगदान (भूमिका) को स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒ 19वीं शताब्दी के मध्य से जब पूँजीवाद विश्वव्यापी व्यवस्था बन गया. भमंडलीकरण का स्वरूप भी व्यापक होता गया। इस समय पूँजी का निर्यात अंतर्राष्टीय आर्थिक संबंधों की एक मुख्य विशेषता बन गई और व्यापार का परिमाण भी काफी बढा। धीरे-धीरे यह संपूर्ण विश्व के अर्थतंत्र का नियामक हो गया। इसके प्रभाव को कायम करने में विश्व बैंक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व व्यापार संस्था तथा पूँजीवादी देशों की बड़ी-बड़ी व्यापारिक और औद्योगिक कंपनियाँ जिन्हें हम बहुराष्ट्रीय कंपनी कहते हैं, का बहुत बड़ा योगदान था। मुक्त बाजार, मुक्त व्यापार, खुली प्रतिस्पर्धा बहुराष्ट्रीय निगमों (कंपनी) का प्रसार, उद्योग तथा सेवा क्षेत्र का निजीकरण उक्त आर्थिक भूमंडलीकरण के मुख्य तत्त्व हैं।


4. भूमंडलीकरण के भारत पर प्रभावों को स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒ भूमंडलीकरण के प्रभाव से भारत भी अछूता नहीं रहा। भूमंडलीकरण के कारण भारतीय लोगों का जीवन स्तर ऊँचा उठा। भूमंडलीकरण के कारण भारतीय लोगों में रोजगार के कई नवीन अवसर को उपलब्ध कराया गया जिसके कारण भारतीय लोगों के जीविकोपार्जन के क्षेत्र में काफी बदलाव आया। जैसे टर । एवं ट्रेबल एजेंसी (यातायात की सुविधा), रेस्टोरेंट रेस्ट हाउस, आवासीय होटल । इत्यादि। सूचना एवं संचार के क्षेत्र में भी क्रांति आई जिससे इस क्षेत्र में भी भारतीय लोगों को रोजगार के अवसर पैदा हुए।


5. आर्थिक संकट से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ आर्थिक मंदी अर्थव्यवस्था में आनेवाली वैसी स्थिति है जब कृषि, उद्योग तथा व्यापार का विकास अवरुद्ध हो जाए। लाखों लोग बेरोजगारी की स्थिात में आ जाते हैं बैंकों और कंपनियों का दिवालियापन तथा वस्तु और मुद्रा दाना का बाजार में कोई कीमत नहीं रह जाती है।’


6. औद्योगिक क्रांति क्या थी ?

उत्तर ⇒ साधारणतया औद्योगिक क्रांति का तात्पर्य ऐसी प्रक्रिया से है जिसम वस्तओं का उत्पादन मानव श्रम के द्वारा न होकर मशीनों द्वारा कारखानो म हाता है। वाष्प शक्ति से संचालित मशीनों द्वारा कारखानों में व्यापक पैमाने पर वस्तुओ का अधिशेष उत्पादन ही औद्योगिक क्रांति थी।


7. ब्रटेन वुड्स सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था ?

उत्तर ⇒ ब्रटेन वुड्स सम्मेलन जुलाई, 1944 ई० में अमेरिका के न्यू हैम्पशायर स्थान पर हुआ था जिसका मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विश्व में आर्थिक स्थिरता एवं पूर्ण रोजगार था। क्योंकि इसी आधार पर विश्व शांति स्थापित की जा सकती थी।


8. औद्योगिक क्रांति ने किस तरह विश्व बाजार के स्वरूप को विस्तृत किया ?

उत्तर ⇒ विश्व बाजार के स्वरूप को विस्तृत करने में औद्योगिक क्रांति की महत्त्वपूर्ण भूमिका थी। कारखानों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराने तथा उत्पादित वस्तुओं के लिए बाजार उपलब्ध कराने का काम विश्व बाजार ने किया। इस प्रक्रिया में उपनिवेशवाद ने महत्त्वपूर्ण योगदान किया। साथ ही व्यापार, पूँजी के प्रवाह और ‘ श्रमिकों के पलायन ने भी विश्व बाजार के स्वरूप को विस्तृत किया।


9. विश्व बाजार के लाभ-हानि पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।

उत्तर ⇒ विश्व बाजार के लाभ –

(i) यह सभी वर्गों के हितों की सुरक्षा करता है।
(ii) इससे व्यापार और उद्योग को तीव्र गति मिली।
(iii) बैंकिंग और बीमा व्यवसाय का उदय हुआ।
(iv) उपनिवेशों में औद्योगिकीकरण और आधुनिकीकरण हुआ, जैसे-भारत में।
(v) कृषि क्षेत्र में परिवर्तन आया।
(vi) शहरीकरण और जनसंख्या में वृद्धि हुई।

हानियाँ –

(i) एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद का युग आरंभ हुआ।
(ii) गरीबी, अकाल और भूखमरी बढ़ गई।
(iii) उग्र राष्ट्रवाद का विकास हुआ।


10. गिरमिटिया मजदूरों पर एक टिप्पणी लिखें।

उत्तर ⇒ गिरमिटिया मजदूर वैसे श्रमिक थे जिन्हें अनुबंध के अंतर्गत भारत से ले जाया गया था। इन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार, पंजाब, हरियाणा से जमैका, फिजी, त्रिनिदाद-टोबैगो मारीशस आदि देशों में ले जाया गया। इन्हें मुख्यतः नगदी फसलों (गन्ना) के उत्पादन में लगाया जाता था। 1921 में ब्रिटिश सरकार ने यह व्यवस्था बंद कर दी।


11. वृहत उत्पादन व्यवस्था से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ वृहत उत्पादन व्यवस्था का आरंभ हेनरी फोर्ड ने कार उद्योग से किया। इससे उत्पादन बढा, लागत और कीमत में कमी आई. मजदरों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ तथा उपभोक्ता वस्तुओं की माँग बढ़ गई। साथ ही हायर परचेज (किश्त पर सामान खरीदने) की परंपरा भी आरंभ हुई।


12. भारत पर आर्थिक महामंदी के क्या प्रभाव पड़े ?

उत्तर ⇒ भारत पर आर्थिक महामंदी के निम्नलिखित प्रभाव पड़े

(i) आर्थिक महामंदी से भारत का आयात-निर्यात व्यापार घटकर आधा हो गया।
(ii) आर्थिक महामंदी का सबसे बुरा प्रभाव भारत के किसानों को हुआ।
(iii) आर्थिक महामंदी से शहरी वर्ग प्रभावित नहीं हुआ।
(iv) महामंदी के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार भारत से सोने का निर्यात करने लगी।
(v) आर्थिक महामंदी के कारण ही महात्मा गांधी को सविनय अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ करना पड़ा।


13. संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक एवं वित्तीय सम्मेलन क्यों बुलाया गया ? इसकी क्या उपलब्धियाँ थी ?

अथवा, ब्रेटन वुड्स समझौता की व्याख्या करें।

उत्तर ⇒ युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के सुझावों के कार्यान्वयन की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श करने के लिए 1944 में अमेरिका के न्यू हैम्पशायर में ब्रेटन वुड्स नामक स्थान पर इस सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में दो अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संस्थानों का गठन किया गया

(i) अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष तथा
(ii) अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक अथवा विश्वबैंक।


14. 1950 के बाद विश्व अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए किए जानेवाले प्रयासों पर प्रकाश डालें।

उत्तर ⇒ द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात् व्यापक तबाही के प्रभाव को कम करने के उद्दे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक पुनर्निर्माण के प्रयास आरंभ किए गए। 1957 में यूरोपीय आर्थिक समुदाय की स्थापना कर एक साझा बाजार की की गई। 1995 में विश्व व्यापार संगठन बनाया गया। विभिन्न देशों ने अपने आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए जी-77, जी-8, आसियान, ओपेक, दक्षेस और यूरोपीय संघ का गठन किया।


15. बहुराष्ट्रीय कंपनी क्या है ?

उत्तर ⇒ कई देशों में एक ही साथ व्यापार और व्यवसाय करनेवाले कंपनियों . को बहुराष्ट्रीय कंपनी कहा जाता है। ये बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ पूँजीवादी देशों की बड़ी-बड़ी व्यापारिक और औद्योगिक कंपनियाँ हैं।


16. अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय किन तीन प्रवाहों पर आधृत है?

उत्तर ⇒ अर्थशास्त्रियों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय तीन प्रकार के प्रवाहों पर आधृत हैं, ये हैं—

(i) व्यापार,
(ii) श्रम तथा
(iii) पूँजी।


17. ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में स्थापित दो वित्तीय संस्थाओं के नाम लिखें।

उत्तर ⇒ ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में स्थापित दो वित्तीय संस्था थी –

(i) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष एवं
(ii) विश्व बैंक।


18. वर्तमान युग में कॉल सेंटर की क्या उपयोगिता है ?

उत्तर ⇒ वर्तमान समय में जगह-जगह पर कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं जिसमें बैठे-बैठे किसी कंपनी के विषय में वांछित सुविधा प्राप्त की जा सकती है।


19. विश्व बाजार के स्वरूप को स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒ 19 वीं शताब्दी से विश्व में अनेक महत्त्वपूर्ण बदलाव आए। ये बदलाव आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और तकनीकी कारणों से आए जिसका समस्त विश्व पर व्यापक प्रभाव पड़ा। औद्योगिक क्रांति के द्वारा उत्पादन के बढ़ते आकार के कारण कच्चे माल तथा तैयार वस्तुओं की बिक्री के लिए बाजार की आवश्यकता हुई। इस विश्व बाजार के स्वरूप का आधार था कपडा उद्योग। औद्योगिक क्रांति के फैलाव के साथ-साथ बाजार का स्वरूप भी विश्वव्यापी होता गया।


20. एकतरफा अनुबंध व्यवस्था पर टिप्पणी लिखें।

उत्तर ⇒ एकतरफा अनुबंध व्यवस्था एक तरह की बंधुआ मजदूरी थी। इस व्यवस्था में मजदूरों को एक एकरारनामा जो बागान मालिक और मजदूरों के बीच होता था के तहत काम करना पड़ता था। उस एकरारनामे । रों को कोई अधिकार नहीं दिए गए थे सारे अधिकार मालिकों को प्राप्त था। रबर बागानों के खेतों एवं खानों में मजदूरों से एकतरफा अनुबंध व्यवस्था पर काम लिया जाता था। काम पूरा नहीं होने पर मजदूरों को मालिक दंडित भी कर सकते थे। वस्तुतः इस व्यवस्था के अंतर्गत मजदूरों की स्थिति गुलामों के समान थी।


21. भारत के सूती वस्त्र उद्योग में गिरावट के क्या कारण थे ?

उत्तर ⇒ 18वीं शताब्दी तक भारतीय सूती कपड़े की माँग सारे विश्व में थी, परंतु 19वीं शताब्दी के आते-आते अनेक कारणों से इसमें गिरावट आती गयी जो निम्नलिखित थे –

(i) भारतीय सूती कपड़े के उद्योग की गिरावट का सबसे मुख्य कारण इंगलैंड की औद्योगिक क्रांति थी जिसके कारण अब उसने भारत से सूती
कपड़े का आयात बंद कर दिया था।

(ii) औपनिवेशिक सरकार भारतीय बाजारों में ब्रिटिश निर्मित सूती वस्त्रों की भरमार कर दी जो भारतीय वस्त्र के मुकाबले काफी सस्ते होते थे।

(iii) अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी काफी कम कीमत में भारतीय कपास या रूई खरीदकर इंगलैंड भेज देती थी। जिससे भारतीय निर्माताओं को अच्छा कपास मिलना मुश्किल हो गया।

(iv) इसके अलावे भारतीय सूती कपड़े के निर्यात पर काफी कर लगा दिए गए तथा ब्रिटिश निर्मित कपड़े का कीमत काफी कम कर या नि:शुल्क भारत आने दिया गया।


22. जिटेन में कॉर्न लॉ समाप्त करने का क्या कारण था ? इसके क्या परिणाम हुए ?

उत्तर ⇒ ब्रिटेन में कॉर्न लॉ द्वारा मक्का के आयात को प्रतिबंधित करवा दिया। फलतः इंगलैंड के कषि उत्पादों को ऊँची कीमत पर बेचकर भू-स्वामी लाभ कमाने लगे। दूसरी ओर अनाज की बढ़ी कीमतों से उद्योगपति और शहरों में रहनेवाले लोग त्रस्त हो गए। इन लोगों ने कॉर्न लॉ का जबर्दस्त विरोध किया और इससे वापस लेने की मांग की। सरकार को बाध्य होकर कॉर्न लॉ समाप्त करना पडा तथा खाद्यान्न के आयात की अनुमति देनी पड़ी।


23. सत्रहवीं शताब्दी के पूर्व होनेवाले आदान-प्रदान का एक उदाहरण एशिया से और एक अमेरिका से दें।

उत्तर ⇒ विभिन्न देशों के साथ संपर्क का एक महत्त्वपूर्ण परिणाम यह हुआ कि खाने-पीने की वस्तुएँ एक देश से दूसरे देश में जाने लगी। व्यापारी और यात्री अपने देश का सामान ले जाते थे और विदेशों की विशिष्ट वस्तुओं को अपने यहाँ लाते थे। नूडल्स के विषय में विद्वानों का मानना है कि यह चीनी मूल का था और वहाँ से ही यह पश्चिमी जगत में पहुँचा। क्रिस्टोफर कोलम्बस अमेरिका से आलू, सोया, मूंगफली, मक्का, टमाटर इत्यादि अपने साथ यूरोप ले गया जहाँ से वे एशिया आए।


24. न्यू डील से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ आर्थिक मंदी के प्रभावों को समाप्त करने एवं उसे नियंत्रित करने के उद्देश्य से 1932 में अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रेंकलीन डी० रूजवेल्ट ने नई आर्थिक नीति अपनाई जिसे ‘न्यू डील’ का नाम दिया गया। इस नई नीति के अनुसार जन कल्याण -की व्यापक योजना के अंतर्गत आर्थिक, राजनीतिक एवं प्रशासनिक नीतियों को नियमित करने का प्रयास किया गया।


25. अमेरिका के उपनिवेशीकरण में किसका महत्त्वपूर्ण योगदान था ?

उत्तर ⇒ अमेरिका के उपनिवेशीकरण में पुर्तगाल और स्पेन का सबसे महत्त्वपूर्ण योगदान था।

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examunlocker@gmail.com

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