If You Sell A Product, Use Online Marketing, Part 2

After all, im alone isn’t enough to build solid relationships. Plan can vary greatly with regards to the information want. Primary disadvantage of hand tweezing is period required. In this rapidly …

In Order To Look For Simple Payday Loan Companies

Consumerism generated by money advanced often through false financial statements, commercial and personal. Payday loan companies make life a little easier through the use of easy funds. A payday advance is …

The Benefits of Implementing a Virtual Info Room

A electronic data space is a cloud-based storage formula for a wide variety of files. This forms a great essential part of a complex work flow. This system permits workers to …

How to pick a Data Room Solution

If you’re considering setting up a info room within your business, you’ll likely be interested in the many benefits of by using a secure info room formula. These solutions offer a …

Tips on how to Select the Greatest Due Diligence Equipment

Due diligence studies a key aspect in risk minimization. A good program will help you collect information from a variety of resources, such as videos, websites, and calamite. Open up web …

Class 10th Hindi 2022 पाठ -5 नागरी लिपि प्रश्न उत्तर कक्षा-10 हिन्दी गोधूलि भाग 2 Subjective Question Answer PDF Download

class 10th hindi का Objective Question 2022 Matric Exam के लिए पाठ -5 नागरी लिपि कक्षा-10 हिन्दी गोधूलि भाग 2 Subjective Question Answer नागरी लिपि प्रश्न उत्तर Bihar board class 10th hindi objective Question 2022  pdf download from this website. class 10th Nagari lipi question answer

Class 10th Nagari lipi Question Answer 2022

1. लेखक ने किन भारतीय लिपियों से देवनागरी का संबंध बताया है ?

उत्तर :- लेखक ने गुजराती, बांग्ला और ब्राह्मी लिपियों से देवनागरी का संबंध बताया है।

2. देवनागरी लिपि में कौन-कौन सी भाषाएँ लिखी जाती हैं ?

उत्तर :- देवनागरी लिपि में मुख्यतः नेपाली, मराठी, संस्कृत, प्राकृत और हिन्दीभाषाएँ लिखी जाती हैं।

3. नागरी लिपि के आरंभिक लेख कहाँ प्राप्त हुए हैं। उनके विवरण दें।

उत्तर :- विद्वानों के अनुसार नागरी लिपि के आरंभिक लेख विध्य पर्वत के नीचे के दक्कन प्रदेश से प्राप्त हुए हैं।

4. नागरी लिपि कब एक सार्वदेशिक लिपि थी ?

उत्तर :- ईसा की 8वीं-11वीं सदियों में नागरी लिपि पूरे देश में व्याप्त थी। अतः उस समय यह एक सार्वदेशिक लिपि थी।

5. देवनागरी लिपि के अक्षरों में स्थिरता कैसे आयी है?

उत्तर :- करीब दो सदी पहले पहली बार देवनागरी लिपि के टाइप बने और इसमेंपुस्तकें छपने लगी। इस प्रकार ही देवनागरी लिपि के अक्षरों में स्थिरता आयी है।

6. उत्तर भारत में किन शासकों के प्राचीन नागरी लेख प्राप्त होते हैं ?

उत्तर :- विद्वानों का विचार है कि उत्तर भारत में मिहिरभोज, महेन्द्रपाल आदि गुर्जर प्रतिहार राजाओं के अभिलेख में पहले-पहल नागरी लिपि लेख प्राप्त होते हैं।

7. गुर्जर प्रतिहार कौन थे ?

उत्तर :- विद्वानों का विचार है कि गुर्जर-प्रतिहार बाहर से भारत आए थे। ईसा की आठवीं सदी के पूवार्द्ध में अवंती प्रदेश में इन्होंने अपना शासन स्थापित किया और बाद में कन्नौज पर भी अधिकार कर लिया था। मिहिरभोज, महेन्द्रपाल आदि प्रख्यात प्रतिहार शासक हुए।

8. ब्राह्मी और सिद्धम लिपि की तुलना में नागरी लिपि की मुख्यपहचान क्या है?

उत्तर :- गुप्तकाल की ब्राह्मी लिपि तथा उसके बाद की सिद्धम लिपि के अक्षरों के सिरों पर छोटी आड़ी लकीरें या छोटे ठोस तिकोन हैं। लेकिन नागरी लिपि की मुख्य पहचान यह है कि इसके अक्षरों के सिरों पर पूरी लकीरें बन जाती हैं और ये सिरो रेखाएँ उतनी ही लम्बी रहती हैं जितनी की अक्षरों की चौड़ाई होती है।

9. नागरी को देवनागरी क्यों कहते हैं ? लेखक इस संबंध में क्या जानकारी देता है ?

उत्तर :- नागरी नाम की उत्पत्ति तथा इसके अर्थ के बारे में विद्वानों में बड़ामतभेद है । एक मत के अनुसार गुजरात के नागर ब्राह्मणों ने पहले-पहल नागरी लिपि का इस्तेमाल किया। इसलिए इसका नाम नागरी पड़ा। एक दूसरे मत के अनुसार बाकी नगर सिर्फ नगर है, परन्तु काशी देवनगरी है। इसलिए काशी में प्रयुक्त लिपि का नाम देवनागरी पड़ा।

10. नागरी लिपि के साथ-साथ किसका जन्म होता है ? इस संबंध में लेखक क्या जानकारी देता है?

उत्तर :- नागरी लिपि के साथ-साथ अनेक प्रादेशिक भाषाओं ने भी जन्म लियाहै। 8वीं-9वीं सदी से आरंभिक हिन्दी का साहित्य मिलने लग जाता है । इसी काल में आर्य भाषा परिवार की आधुनिक भाषाएँ मराठी, बँगला आदि जन्म ले रही थीं।

11. नंदिनागरी किसे कहते हैं ? किस प्रसंग में लेखक ने उसकाउल्लेख किया है ?

उत्तर :- दक्षिण भारत की यह नागरी लिपि नंदिनागरी कहलाती थी। कोकण के शिलाहार, मान्यखेट के राष्ट्रकूट, देवगिरि के यादव तथा विजयनगर के शासकों के लेख नंदिनागरी लिपि में है। पहले-पहल विजयनगर के राजाओं के लेखों की लिपि को ही नंदिनागरी लिपि नाम दिया गया था। 1

12. ‘नागरी लिपि’ पाठ का सारांश लिखें।

अथवा, देवनागरी लिपि में कौन-कौन सी भाषाएँ लिखी जाती हैं ?

उत्तर :- हिन्दी तथा इसकी विविध बोलियाँ देवनागरी लिपि में लिखी जाती हैं।नेपाली, जेवारी और मराठी की लिपि भी नागरी है। संस्कृत और प्राकृत की पुस्तक भी देवनागरी में ही प्रकाशित होती है। गुजराती हापि भी देवनागरी से बहुत भिन्न नहीं। बंगला लिपि भी प्राचीन नागरी लिपि की वहन ही है। सच तो यह है कि दक्षिण भारत की अनेक लिपियाँ नागरी की भाँति ही प्राचीन ब्राहमो से विकसित हैं। बारहवीं सदी के श्रीलंका के शासकों के सिक्के पर भी नगई अवर मिलते हैं महमूट गजनवी, मुहम्मद गोरी, अलाउदीन खिलजी, शेरशाह ने भी अपने नाम नागरी में खुदवाए हैं और अकबर के सिक्के में भी ‘रामसीय’ शब्द ऑकत है। वस्तुतः ईसा की आठवीं-नौवीं सदी से नागरी लिपि का प्रचलन सारे देश में था। नागरी नाम को लेकर तरह तरह के विचाः हैं। किन्तु इतना निश्चित है कि ‘नागरी’ शब्द किसी बड़े नगर से संबंधित है। कशी को देवनगर कहते थे, हो सकता है, वहाँ प्रयुक्त लिपि का नाम ‘देवनागरी’ पड़ा हो। बैस, गुप्तों की राजधानी पटना भी ‘देवनगर’ थी इसके नाम पर यह नामकरण हो सकता है। जो भी हो, यह नगर-विशेष की लिपि नहीं थी। आठवीं-ग्यारहवीं सदी में यह सार्वदेशिक लिपि थी। नागरी लिपि के साथ अनेक प्रादेशिक भाषाएँ जन्म लेती हैं, यथा, मराठी, बंगला आदि। नागरी लिपि के लेख न कंवल पश्चिम तथा पूर्व बल्कि सूदूर दक्षिण से भी मिले हैं।

13. नागरी की उत्पत्ति के संबंध में लेखक का क्या कहना है ? पटना से नागरी का क्या संबंध लेखक ने बताया है ?

उत्तर :- यह मान्य है कि नागरी लिपि किसी नगर अर्थात् किसी बड़े शहर से संबंधित है । ‘पादताडितकम्’ नामक एक नाटक से जानकारी मिलती है कि पटलीपुत्र अर्थात् पटना को नगर नाम से पुकारते थे। अतः इम यह भी जानते हैं कि स्थापत्य की उत्तर भारत की एक विशेष शैली को नागर शैली कहते हैं । अत: नागर या नागरी शब्द उत्तर भारत के किसी बड़े नगर से संबंध रखता है। विद्वानों के अनुसार उत्तर भारत का यह बड़ा नगर निश्चित रूप से पटना ही होगा। चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य का व्यक्तिगत नाम देव था। इसलिए गुणों की राजधानी पटना को देवनगर भी कहा जाता था । देवनगर की लिपि होने से उत्तर भारत की प्रमुख लिपि को बाद में देवनागरी नाम दिया गया था।

14. निबंध के आधार पर काल-क्रम से नागरी लेखों से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करें ।

उत्तर :- निबंध के आधार पर कालक्रम से नगरी लेखों से संबंधित प्रमाण इसप्रकार मिलते हैं-11वीं सदी में राजेन्द्र जैसे प्रतापी चेर राजाओं के सिक्कों पर नागर अक्षर देखने को मिलते हैं। 12वीं सदी के केरल के शसकों के सिक्कों पर ‘वीर केरलस्य’ जैसे शब्द नागरी लिपि में अंकित हैं। दक्षिण से प्राप्त वरगुण क पलयम ताम्रपत्र भी नागरी लिपि में 9वीं सदी की है। 1000 ई० के आस-पास मालवा नगर में नागर लिपि का इस्तेमाल होता था। विक्रमादित्य के समय पटना में देवनागरी का प्रयोग मिलता है। ईसा की 8वीं से 11वीं सदियों में नागरी लिपि पूरे भारत में व्याप्त थी। 8वीं सदी में दोहाकोश की तिब्बत से जो हस्तलिपि मिली है, वह नागरी लिपि में है। 754 ई० में राष्ट्रकूट राजा दंतिदुर्ग का दानपत्र नागरी लिपि में प्राप्त हुआ है। 850 ई० में जैन गणितज्ञ महावीराचार्य के गणित सार-संग्रह की रचना मलती है जो नागरी लिपि में है।

Author

examunlocker@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published.